ना उड़ने वाला तोता

ना उड़ने वाला तोता

कुछ समय पहले की बात है_

एक राजा था।
बह अपने आस पास के राज्य में यात्रा करने गया था।

तब एक राज्य के अधिकारी ने राजा को दो तोतो की जोड़ी उपहार में दी।

ना उड़ने वाला तोता

राजा को वो दोनों तोते बहुत पसंद आये।

राजा उन तोतो को महल में लेकर आ गया ।
और राजा ने एक बगीचे में तोतो के रहने की ब्यबस्था करवा दी।
तोते राजा को बहुत प्रिय थे राजा रोज़ उन्हें अपने महल की खिड़की से देखता था।
एक दिन राजा ने तोतो पे गौर किया और देखा एक तोता अपनी जगह से उड़ता हैं फिर बापस बैठ जाता हैं।

पर दूसरा तोता अपनी जगह से हिलता ही नहीं एक ही शाखा पे बैठा रहता हैं।
ना उड़ने वाला तोता
फिर राजा अपने महल के लोगी को ये बात बताता है और दरबारियों से तोते को उड़ाने का तरीका खोजने के लिए कहता है।

महल के सभी लोग तोते को उड़ाने की कोसिस करते हैं लेकिन सभी लोग असफ़ल हो जाते हैं तोता अपनी शाखा से बिल्कुल भी नहीं हटता।
ये देखकर राजा परेशान हो जाता हैं। सब कुछ आजमाने के बाद राजा राज्य में घोषणा करता के जो कोई इस तोते को उड़ना सिखाएगा उससे ईनाम मिलेगा।

ये बात सुनकर एक किसान महल में आता हैं और कहता महराज मुझे आज्ञा दीजिये सायद मैं इस समस्या का समाधान कर सकू।

राजा कहता हैं अबस्य अगले दिन राजा महल की खिड़की से देखता है
के तोता आसमान में ऊंची उड़ान भर रहा है राजा तीते को उड़ते देख सोच में पड़ जाता है।

राजा किसान को मिलने के लिए महल में बुलाता हैं किसान राजा के सामने आकर खड़ा हो जाता है।

राजा कहता है- इतने लोगो के प्रयास के बाद भी तोता अपनी जगह से हिला भी नहीं था लेकिन तुमने ऐसा क्या जादू कर दिया तोता आसमान में ऊंची उड़ान भरने लगा।

किसान ने हाथ जोड़कर राजा से कहा महाराज मैंने कोई जादू नहीं किया ये तो बहुत आसान था।
जिस शाखा पे तोता बैठता था बस मैंने वो शाखा काट दी।

और तोता नीचे गिरने के डर से पंख फड़ फडाने लगा और आसमान में उड़ने लगा राजा ने उस किसान को ईनाम दिया और वह चला गया।

शिक्षा : – हम सभी को अपने जीवन में सफल होने की क्षमता मिली हैं लेकिन फिर भी लोग अपने जीवन मे असफल रहते हैं क्योंकि वो अपना आरामदायक जीवन नहीं छोड़ना चाहते, जिसे हम comfortzone बोलते हैं इसलिए अगर जीवन में सफलता पाना हैं तो हमें अपना comfortzone छोड़ना पड़ेगा।

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