दुष्ट सांप और कौआ moral story in hindi

दुष्ट सांप और कौआ

दुष्ट साँप और कौआ बहुत समय पहले-एक महल के पास एक जंगल था उस जंगल मे एक पेड़ पर एक कौए का जोड़ा रहता था।
दुष्ट सांप और कौआ moral story in hindi

और उस पेड़ के नीचे ही एक दुष्ट कोबरा साँप रहता था। ये जानकर भी साँप बहाँ रहता है बे
दोनों कौए खुशी खुशी अपना जीवन जी रहे थे।

बे सुबह को खाने की तलाश में जाते और शाम को बापस आ जाते
दुष्ट सांप और कौआ moral story in hindi
और एक दिन मादा कौए ने अंडे दिए जिससे बे दोनों बहुत खुश थे। रोज की तरह आज भी बे खाने की तलाश में चले गए और जब बे शाम को बापस आए

तो अंडे बहाँ नही थे। जिससे दोनों कौए बहुत दुखी हुए । फिर कुछ दिन सब कुछ ऐसे ही चलता रहा और फिर एक दिन कौए ने फिर अंडे दिए ।

जिससे बे फिर से बहुत खुश हुए और रोज की तरह खाने की तलाश में चले गए।

शाम को जब बे बापस आए तो अंडे फिर से बहाँ नही थे बे दोनों समझ गए कि ये दुष्ट साँप का ही काम है।
दुष्ट सांप और कौआ moral story in hindiअंडे न पाकर मादा कौआ रोने लगता है।

रात को मादा कौआ कहता है- ऐसा कब तक चलेगा, ये दुष्ट साँप हमेशा हमारे अंडे खा जाता है।

नर कौआ बोला- तुम परेशान न हो मैं कुछ उपाय निकालता हूं।
अगले दिन कौआ नजदीक के तालाब के पास पहुचा बहां रानी अपनी दासियो के साथ रोज नहाने आती थी।

बहाँ कौए की नजर रानी के जेवरों पर पड़ी जब कोई नही देख रहा था तब कौए ने रानी का कीमती हार चुरा लिया और अपने घर की तरफ उड़ने लगा।

दासियाँ चिल्लाकर बोली- कौए ने कीमती हार ले लिया।
तभी सभी सैनिक कौए का पीछा करने लगे।

कौए ने उस हार को साँप जिस पेड़ के अंदर रहता था उसमें डाल दिया और उड़ कर अपने घोसले में जाकर बैठ गया।
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फिर जैसे ही सैनिक ने हार निकालने के लिए अपना हाथ बहाँ डाला, हार की जगह उसके हाथ मे अजगर सांप आ गया।
सांप को देखते ही सिपाहियों ने अपने भाले से उसे मार डाला।

सिपाहियों ने अंदर दे हार निकाल लिया और कौए को बिना कुछ किये ही लौट गए।
दोनों कौए उसके बाद खुशी खुशी रहने लगे।

शिक्षा- कमजोर भी बुद्धिमानी से बड़ी से बड़ी परेशानी दूर कर सकते हैं

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